Terapanth Yuvak Parishad
Ahmedabad
गणाधिपति आचार्य श्री तुलसी द्वारा बोया गया बीज ने आज वटवृक्ष का रूप ले लिया है और धर्म संघ की सेवा में तत्परता से बड़े से बड़े कार्य करने में सक्षम बन गया है। वर्तमान में यह संस्था तेरापंथ धर्म संघ के 11वें आचार्य युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के इंगितानुसार कार्य करता है।
तेयुप तेरापंथ समाज के युवकों को संगठित और सक्रिय करने के लिए बनाई गयी संघीय संस्था है। यह संस्था गुरुदेव-इंगित आध्यात्मिक प्रवृतियों के साथ-साथ कई तरह की सामाजिक गतिविधियों में भी अग्रसर है। सेवा, संस्कार और संगठन इसके तीन मुख्य आयाम है:
सेवा: चारित्रआत्माओं की रास्ते की विहार सेवा में तेयुप साथी हर समय सेवा देता है और यह तेयुप का मुख्य कार्य है। इसके अलावा चौका सत्कार, ब्लड डोनेशन, डीयग्नोस्टिक सेंटर, नेत्रदान, मेडिकल स्टोर आदि कई महनीय प्रोजेक्ट्स इस आयाम के अंतर्गत किये जाते है ... और पढ़ें
संस्कार: संस्कार यानि अध्यात्म जो हमारे धर्मसंघ की मुख्य विशेषता है। तप-त्याग-तपस्या के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स जैसे में हूँ सामायिक साधक, तपोयज्ञ, जैन संस्कार विधि, व्यक्तित्व विकास कार्यशाला इस आयाम के अंतर्गत किये जाते है ... और पढ़ें
संगठन: संगठन की बिना किसी भी संस्था की निरंतरता पर प्रशनचिन्ह लग जाता है। तेयुप के सदस्यों के साथ-साथ, 15 से 21 वर्ष के किशोरों के लिये तेरापंथ किशोर मण्डल, फिट युवा हिट युवा, सरगम आदि जैसे कई महनीय प्रोजेक्ट्स इस आयाम के अंतर्गत किये जाते है ... और पढ़ें
तेयुप अहमदाबाद अपने हर एक सदस्य के आध्यात्मिक, सामाजिक और बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए विभिन्न सुअवसर प्रदान करती है। इसीलिए हर एक युवक का कर्तव्य है की वह तेयुप से जुड़कर धर्मसंघ के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करे एवं समाज के विकास में सहभागी बने।